तुम्हारी हाँ का इंतज़ार है मुझे...




तुम्हारी हाँ का इंतज़ार है मुझे

ख़ामोशी से किये बहुत सवाल हैं तुम्हारी आँखों में

अपने दिल को महफूज़ रखने चली हो तुम, है भी यह बड़ा बेईमान

मुझसे लगने से डरता है , शायद इसीलिए बेवजह दूरी बना रही हो तुम

खुद तोड़ रही हो दिल अपना और तुमसे दूर हो जाने के डर से बिखर 

रहा है मेरा दिल


यह आँखों और दिल के बीच चुप छुपाने की रस्म भी अजीब है

दिल हाँ कहना चाहता है मगर आँखें तुम्हारी न जाने क्यूँ उस बात का

इज़हार नहीं करतीं


आँखों का दर्द कोशिश करता है कहने कि पढ़ लो मेरे अन्दर छुपे प्यार

को मगर न जाने क्यूँ तुम खुद ही अपनी आँखों की पहरेदार बन जाती

हो ?


“ तू वक़्त बर्बाद कर रहा है मेरे पीछे “ कह कर पता नहीं तुम दूरियां 

बनाना चाहती हो या मेरे अन्दर के जिद्द की इन्तेहा देखना चाहती हो?


तुमको पाने की यह जिद्द किसी शर्त का हिसा नहीं, हिस्सा है तो दिल 

के उस हिस्से की जो कहता है मुझसे, “ यह ख़ास है तेरे लिए”


तुम्हारी हाँ का इंतज़ार है मुझे.....


अब दिल भी क्या जाने कि यह ख़ास हाथ थामने का तो कब से 

इंतज़ार कर रहा है, बस अभी दूरियां बनाकर रखे हुए है मुझसे


“ मुझसे और अच्छी मिल जायेंगी तुम्हें” कहते वक़्त वो आँखों के 

किनारे से जो आंसूं चुपचाप छलकने लगता है वो दिख जाता है मुझे , 

उसको रोकने की नाकाम कोशिश करती हो तुम

यकीं मानो, तुम जो करती हो न यह सब, उससे दर्द होता है मुझे भी


लड़का हूँ इसलिए कह भी नहीं सकता अपना दर्द 

इश्क में प्यार करने की वजह गिनाई जा सकती काश, तो बता  

सकता तुम्हें 

शायद यह लफ्ज़ बयाँ कर पाते तुम्हारे ख़ास होने की वजह

चोट खाने से डरने वाले वाले दिल को किले की मज़बूत चाहरदीवारी 

से घेरने का फायदा नहीं
दिल ने कभी घेरे में रहना सीखा ही कहाँ है ?
तुम्हारी हाँ का इंतज़ार है मुझे


पता मुझे भी है कि आईने के सामने खड़ी होकर मुस्कुराती हो

रोज़ एक जंग लडती हो न हाँ और न के बीच ?

कुछ पल अकेला नहीं बैठना चाहती क्यूंकि तभी उस पलों कि यादें

सताती हैं


तुम्हारी हाँ का इंतज़ार है मुझे, तुम्हारी हाँ सुननी है मुझे

उसी छलकते आंसू के साथ जिसको गिरने से छुपाती हो

हम दोनों की ही भीगी पलकों के साथ, तुम्हारी हाँ....

The story behind this- These lines attempt to show the mindset of the guy when he loves his friend. Majority of girls although love the boy but dont know why they don’t express that love. Only they know why do they look for their heart and in the process don’t speak yes although their eyes speak otherwise. Its a mystery no one can be to decode and these lines try to go on the same situation when the boy knows she loves him but is instead pushing him away ..
तुम्हारी हाँ का इंतज़ार है मुझे... तुम्हारी हाँ का इंतज़ार है मुझे... Reviewed by Shwetabh Mathur on 8:14:00 PM Rating: 5

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