11:02:00 PM
वो धुंधले पन्ने किताब नज़रों के ज़्यादा पास क्या हुई, लिखावट ज़रा धुंधली हो गयी नज़रें दूर तक देखने की आदी थी, पास वाल...
वो धुंधले पन्ने.... वो धुंधले पन्ने.... Reviewed by Shwetabh Mathur on 11:02:00 PM Rating: 5
Heroes: 25 Real Stories of the Real Bravehearts - National Bravery Award Winners 2017 Heroes: 25 Real Stories of the Real Bravehearts - National Bravery Award Winners 2017 Reviewed by Shwetabh Mathur on 9:36:00 PM Rating: 5
11:12:00 PM
कुछ खामोशियाँ हैं यूँ हवाओं में इंतज़ार करती तुम्हारे या मेरे बोलना का लफ़्ज़ों की भीड़ में, खामोशियों का सन्नाटा है तुम ब...
खामोशियाँ...... खामोशियाँ...... Reviewed by Shwetabh Mathur on 11:12:00 PM Rating: 5
10:58:00 PM
यूँ चुप न रहो, कुछ तो बात करो यूँ खामोशियों की जंजीरें तोड़ के तीर तो चलाओ मुझपे उलझन में है मन मेरा, आखें पढ़ने में नाकामया...
यूँ नाराज़ हूँ तुमसे .... यूँ नाराज़ हूँ तुमसे .... Reviewed by Shwetabh Mathur on 10:58:00 PM Rating: 5
5:16:00 PM
वो गिर चुका पर्दा... वो बंद पड़ी इमारत में एक अजीब सा सन्नाटा है वो टिकट खिड़की का टूटा काँच कभी लगती भीड़ के गवाह होगा ...
वो गिर चुका पर्दा... वो गिर चुका पर्दा... Reviewed by Shwetabh Mathur on 5:16:00 PM Rating: 5